एचएसवीपी के सहयोग से गुरुग्राम में आयोजित इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के चौथे संस्करण का हुआ समापन
प्रकाशित: 31 Jul 2025, 06:52 PMएचएसवीपी के सहयोग से गुरुग्राम में आयोजित इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के चौथे संस्करण का हुआ समापन
- दो दिवसीय सत्र में सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) के लिए एक साझा रास्ता तय करने के उद्देश्य से विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर की चर्चा
गुरुग्राम, 31 जुलाई।
सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) के लिए एक साझा रास्ता तय करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सहयोग एवं अंतर्राष्ट्रीय सर्कुलर इकोनॉमी परिषद (आइसीसीई) के तत्वावधान में आयोजित इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के चौथे संस्करण का आज समापन हुआ। दो दिवसीय सत्र में हरियाणा सरकार, उद्योग, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने शिरकत कर सर्कुलर इकोनॉमी से संबंधित विषयों पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
सत्र में दक्षिण-ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आरआईएस के प्रो. गुलशन सचदेवा ने बताया कि भारत विकासशील देशों में सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ज्ञान, नीतियों और तकनीक के साझे उपयोग की जरूरत है ताकि सभी देशों को न्यायपूर्ण और टिकाऊ विकास का लाभ मिल सके।
विभिन्न विषयों को समर्पित रहा समापन सत्र
आइसीसीई की प्रबंध निदेशक शालिनी गोयल भल्ला ने बताया कि चौथे संस्करण का समापन सत्र विभिन्न विषयों को समर्पित रहा। जिसमे कृषि और खाद्य अपशिष्ट आदि विषयों पर चर्चा में नेस्ले, इंडिया फूड बैंकिंग नेटवर्क और सीईईडब्लूए के विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे बेहतर तकनीकों से फसल के बाद के नुकसान और भूख की समस्या को कम किया जा सकता है। शहरी कचरा प्रबंधन पर चर्चा के दौरान हसीरू डाला और आईपीसी जैसे संगठनों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कचरे की छंटाई और पुनर्चक्रण के मॉडल कैसे लोगों की भागीदारी से सफल हो सकते हैं। शहरी चक्रीय पर हुई सार्थक चर्चा में विश्व बैंक और अन्य विशेषज्ञों ने बताया कि शहरों को कैसे इस सोच के साथ विकसित किया जा सकता है कि वे पर्यावरण के अनुकूल और जलवायु परिवर्तन के प्रति मजबूत बन सकें। इस दौरान हरियाणा सरकार के अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने राज्य में हरित ऊर्जा, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अन्य सत्रों में इन विषयों पर भी चर्चा हुई
कार्यक्रम में हरित ऊर्जा और संसाधनों का दोबारा उपयोग, सीएसआर और ईएसजी के ज़रिए सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा, कपड़ा उद्योग में टिकाऊ डिजाइन और स्थानीय नवाचार आदि पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन एसीई पुरस्कार समारोह के साथ हुआ, जिसमें सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संगठनों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
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अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के अंतर्गत 'मातृ वन' अभियान का शुभारंभ 2 अगस्त को
- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल एवं भूपेंद्र यादव होंगे मुख्यातिथि, पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता
गुरुग्राम, 31 जुलाई।
अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और मातृत्व के प्रति सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से
जिला प्रशासन गुरुग्राम एवं वन विभाग हरियाणा द्वारा शनिवार 2 अगस्त को प्रातः 10:00 बजे, अरावली वन क्षेत्र, सेक्टर-54 में 'मातृ वन' का शुभारंभ किया जाएगा। यह आयोजन वन महोत्सव 2025 के अवसर पर संपन्न होगा, जो पर्यावरणीय चेतना के साथ-साथ सामाजिक भावनाओं को भी सशक्त करेगा।
जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि कि ‘मातृ वन’ की संकल्पना केवल वृक्षारोपण की पारंपरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह मातृत्व के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का एक सजीव माध्यम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के माध्यम से नागरिकों को अपनी माताओं की स्मृति या सम्मान में पौधारोपण हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे हरियाली बढ़ेगी और भावनात्मक जुड़ाव भी उत्पन्न होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि आगामी पीढ़ियों को एक स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पधारेंगे। उनके साथ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की गरिमामयी उपस्थिति भी रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा सरकार के वन एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह करेंगे। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा तथा सोहना के विधायक तेजपाल तंवर विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन में आयोजन की सभी तैयारियाँ पूर्णता की ओर हैं तथा समस्त व्यवस्थाओं की निगरानी उप वन संरक्षक राज कुमार (आईएफएस) के नेतृत्व में की जा रही है। मातृ वन अभियान में जिला की सभी आरडब्ल्यूए सहित आस-पास के जिलों की सामाजिक, धार्मिक, शिक्षण व अन्य संस्थाओ से सक्रिय सहभागिता के लिए आह्वान किया गया है।
